कोरोना संदिग्ध को देपालपुर में दफनाए  जाने पर आपत्ति के बाद कार्रवाई हुई   

 




कोरोना संदिग्ध को देपालपुर में दफनाए 

जाने पर आपत्ति के बाद कार्रवाई हुई 

  इंदौर। एक वृद्ध को कोरोना संक्रमण की शंका के चलते एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी मौत के बाद उनके रिश्तेदार दफनाने के लिए देपालपुर ले गए। पुलिस ने एसडीएम की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए दामाद पर कार्रवाई की है। उधर मृतक और उसे ले जाने वाले से उसके 40 रिश्तेदार संपर्क में थे, जिनकी पुलिस निगरानी कर रही है।
  देपालपुर पुलिस ने बताया कि इंदौर की ग्रीन पार्क कॉलोनी के रहने वाले 74 साल के एक वृद्ध को कोरोना संदिग्ध मानते हुए उपचार के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसका रिश्तेदार जमीरउद्दीन उसके शव को दफनाने के लिए देपालपुर स्थित कब्रिस्तान लेकर गए। उसके साथ अन्य रिश्तेदार भी थे। देपालपुर के कुछ लोगों ने इस बात पर आपत्ति ली और एसडीएम को सूचित करते हुए बताया कि इंदौर के रहने वाले वृद्ध की इंदौर में ही मौत हुई तो यहां दफनाने की क्या वजह, जबकि मृतक कोरोना का संदिग्ध था। पुलिस ने जमीरउद्दीन पर कार्रवाई की है। साथ ही उसके करीब 40 रिश्तेदारों को क्वारेंटाइन करने की कवायद शुरू कर दी है।
रिपोर्ट का इंतजार
   इसी मामले को लेकर दूसरी बात यह आई है कि जिस वृद्ध की मौत हुई है वह बीएसएनएल से रिटायर था। कई बीमारियों का उपचार चल रहा था। इसके चलते एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मौत हो गई। उसे कोरोना होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है। बेटा विदेश में रहता है, जिसके चलते क्रियाकर्म करने वाला कोई नहीं था। मृतक देपालपुर के शहर काजी का दामाद था। कई रिश्तेदार भी देपालपुर में रहते हैं, जिसके चलते उसे वहां दफनाया गया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। उधर नगर परिषद ने भी एक आदेश निकाला, जिसके तहत इस मौत के बाद वार्ड क्रमांक-2 को सील कर दिया गया है। कहा गया है कि मृतक के परिवार और संपर्क में आने वाले से कोई नहीं मिले।




 


 

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