पहले दिन 'हेरीटेज वॉक' में राजबाड़ा  के आसपास के इतिहास की पड़ताल   
पहले दिन 'हेरीटेज वॉक' में राजबाड़ा 

के आसपास के इतिहास की पड़ताल  

इंदौर। मध्य प्रदेश टूरिज्म के द्वारा 'इंदौर टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल' के माध्यम से आयोजित 'इंदौर सिटी वॉक फेस्टिवल' के तहत आज इंदौर की "प्रसिद्ध छत्रियों" की वॉक से शुभारंभ किया गया इस वॉक में एडीएम कैलाश वानखेड़े विशेष रूप से पूरे समय उपस्थित रहे। 

  अपने शहर को जानिए एक नए अंदाज में इस थीम को लेकर 12 अक्टूबर से 10 नवंबर तक चलने वाले इस फेस्टिवल में प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को वॉक का आयोजन किया जा रहा है। प्रथम वॉक 'बोलिया की छतरी' से प्रारंभ हुआ। बोलिया की छतरी के इतिहास एवं उसकी डिजाइन व संरचना के बारे में वॉक लीडर शरवानी ने जानकारी दी। साथ ही आसपास स्थित देवलालीकर कला वीथिका एवं मराठी स्कूल के इतिहास के बारे में भी की जानकारी दी गई। इसके बाद कृष्णपुरा छत्री पहुंचकर वहां निर्मित पांच प्रकार की छतरी की बनावट तथा उनसे जुड़े होलकर कालीन इतिहास व प्रचलित कथाओं के माध्यम से रोचकपूर्ण जानकारी दी। 'बांके बिहारी मंदिर' राजवाड़ा पर रुककर इस मंदिर की स्थापना एवं उससे जुड़े हुए संप्रदायों की विस्तृत जानकारी दी गई। अंत में राजवाड़ा के सामने स्थित उद्यान में अहिल्या माता की प्रतिमा के समक्ष होलकर इतिहास से जुड़ी हुई विभिन्न प्रसिद्ध महिलाओं के इतिहास में उनके योगदान दिया एवं धार्मिक कार्यों व खासगी ट्रस्ट से जुड़ी रोचक जानकारियां के साथ वॉक का समापन हुआ। 'इंदौर टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल' के नोडल अधिकारी विष्णु प्रताप सिंह ,क्षेत्रीय प्रबंधक पर्यटन विकास निगम के श्री गुप्ता व दिल्ली से आए संस्था सिटी एक्सप्लोरर के कोऑर्डिनेटर श्रवण शर्मा द्वारा वह का समन्वय किया गया। आज की इस 'हेरिटेज वॉक' में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करने वाले शहर के प्रतिभागी उत्साह से सम्मिलित हुए।

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