गरबा में डीजे प्रतिबंधित, विद्युत  के लिए अस्थाई कनेक्शन जरुरी! 
गरबा में डीजे प्रतिबंधित, विद्युत 

के लिए अस्थाई कनेक्शन जरुरी!
इंदौर। कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने नवरात्रि पर्व पर गरबा, डंडिया आयोजकों का कार्यक्रम स्थल पर डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए। उन्होंने व्यवस्था सुनिश्चित करने का उत्तरदायित्व भी निर्धारित किया गया। माता की स्थापना, गरबा, डांडिया के आयोजन की अनुमति भी स्थानीय थाना प्रभारी से लेना अनिवार्य है।

  कानून और व्यवस्थ बनाए रखने के लिए जिले के सभी एसडीएम, सभी नगर अधीक्षक और सभी अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को निर्देश दिए है कि वे जिले में शांति एवं सुव्यवस्था बनाये रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। 29 सितंबर, 2019 से नवरात्रि पर्व की शुरूआत होकर 9 दिनों तक विभिन्न धार्मिक आयोजन,जिसमें गरबा/डांडिया आदि कार्यक्रम होते हैं, इन कार्यक्रमों में काफी भीड़ होने की संभावना रहती है, इसलिये पूर्व से ही अपने-अपने क्षेत्र के इन धार्मिक आयोजनों के आयोजकों की एसडीएम, सीएसपी, थाना प्रभारी द्वारा संयुक्त रूप से एक बैठक ली जाकर कार्यवाही करें। गरबा उत्सव के दौरान यदि कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो उसकी सूचना तत्काल थाना प्रभारी को दी जाए। गरबा या डंडिया के आयोजन में भाग लेने वाली युवक-युवतियों के आयोजन स्थल पर प्रवेश के समय प्रवेश द्वार पर क्लोज सर्किट टीवी कैमरा लगाये जाना जरूरी है। आवश्यकता पड़ने पर, जिससे उनकी पहचान की जा सके।

 कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशानुसार गरबा या डंडिया आयोजन में भाग लेने वाली युवक-युवतियों को आयोजक फोटोयुक्त परिचय पत्र भी जारी करना जरूरी है। गरबा या डांडिया के आयोजकों का यह व्यक्तिगत उत्तरदायित्व होगा कि आयोजन स्थल पर पार्किंग व्यवस्था पर्याप्त हो। यातायात व्यवस्था हेतु आयोजक पृथक से 15 कार्यकर्ता या सुरक्षाकर्मी भी रखेगें। सुरक्षा के संपूर्ण इंतजाम जैसे विद्युत के तार आदि खुले न हो, इलेक्ट्रिक शार्ट सर्किट जैसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए भी पूर्व से सुरक्षा के पूर्ण उपाय कर लिए जाए। मंच मजबूत हो ताकि कोई अनहोनी घटना न घट सके, आयोजन स्थल खुला हो, दर्शकगण के आने-जाने के लिए अलग-अलग पर्याप्त स्थान हो। आयोजन स्थल पर फायर फायरिंग की समुचित व्यवस्था भी रखी जाना अनिवार्य होगा, साथ ही आयोजक अपने वॉलियेंटर्स को इन फायर फायरिंग उपकरणों के ऑपरेट करने की ट्रेनिंग भी दे ताकि आवश्यकता पड़ने पर इनका तत्काल उपयोग किया जा सके। विद्युत हेतु अस्थाई कनेक्शन मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल से प्राप्त करना अनिवार्य होगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग धीमी गति से किया जाये ताकि आसपास के लोगों को व्यवधान उत्पन्न न हो तथा उच्चतम न्यायालय के निर्देशों एवं कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। कार्यक्रम रात्रि में निर्धारित समय से अधिक देर तक न चलाया जाए।

Popular posts