मंडी में रखा अनाज खराब, प्रशासन ने  अभी तक व्यापारियों की सुध नहीं ली!
मंडी में रखा अनाज खराब, प्रशासन ने 

अभी तक व्यापारियों की सुध नहीं ली

  इंदौर। शहर में कल रात हुई तेज बारिश छावनी अनाज मंडी के लिए कहर बनकर आई। यहां गोदामों व शेड के नीचे पड़ा अनाज पानी की भेंट चढ़ गया। सैकड़ों क्विंटल अनाज गीला होकर खराब होने लगा है और प्रशासन बेसुध है। 

   करीब एक पखवाड़े पहले सावन की झड़ी में संयोगितागंज स्थित छावनी अनाज मंडी के पांच गोडाउन में अनाज व अन्य फसल रखी हुई थी। शेड व गोडाउन के टीन खराब होने से वहां पानी भरा गया था, जिससे मशक्कत के बाद निकाला गया था। खराब अनाज की नुकसानी की भरपाई करने की बात व्यापारियों से मंडी प्रशासन ने की थी। नुकसानी की राशि अभी तक मिली नहीं और कल फिर बारिश ने व्यापारियों के माथे पर चिंता की लकीरें बना दी है। जैसे-तैसे पानी का रूख तेज होता गया। कुछ व्यापारी तो रात में ही मंडी पहुंच गए और अपने अनाज को बचाने की कवायद में लगे रहे। रात को मंडी प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। मंडी सूत्रों ने बताया कि कल पानी गिरने से मंडी में पानी भरा गया। 20 से अधिक गोडाउनों में बारिश का पानी भराने से अनाज भीग गया है। आज सुबह मंडी खुलने से पहले ही अधिकारी-कर्मचारी व व्यापारी वहां पहुंच गए हैं और नुकसानी का आंकलन कर रहे हैं। एक व्यापारी ने बताया कि मंडी प्रशासन को प्रतिमाह यहां से हजारों रुपए राजस्व प्राप्त होता है। सुविधा के नाम पर कुछ नहीं दिया जाता। कई बार अधिकारी दबाव प्रभाव बनाकर व्यापारी की आवाज दबा देते हैं। गोडाउन के टीन शेड बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अधिकारी बेसुध हैं। टीन शेड खराब होने का खामियाजा व्यापारियों को बारिश के दिनों में भुगतना पड़ता है। 

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