दो महिला बैरक और बनेंगीं, अभी  एक बैरक में 10 महिला कैदी 
दो महिला बैरक और बनेंगीं, अभी 

एक बैरक में 10 महिला कैदी 

इंदौर। शहर में निरंतर अपराधों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। युवाओं, पुरुषों के साथ महिलाएं भी अपराधों में लिप्त पाई जा रही है। शहर में संचालित एडवाइजरी कंपनी में महिलाएं कार्यरत है। सेन्ट्रल जेल में अभी एक महिला बैरक है, जिसमें 10 महिला बंदी है, जिससे जेल प्रशासन को परेशानी हो रही है। महिलाओं की सुरक्षा व देखरेख के लिए महिला जेलकर्मी भी पदस्थ की गई है। महिलाओं की मुलाकात का कक्ष भी अलग रखा गया है। सेन्ट्रल जेल अधीक्षक संतोष सोलंकी ने बताया कि अब तक केवल सीआई जेल में ही  महिला बैरक था, जहां महिला बंदियों को रखा जाता है। महिला अपराधियों की संख्या में निरंतर इजाफा होने से सेन्ट्रल जेल में भी महिला बैरक की आवश्यकता पड़ी। इसके लिए पिछले दिनों जेल मुख्यालय के आदेश पर सेन्ट्रल जेल में एक महिला बैरक तैयार किया गया है। दिनोंदिन महिला कैदियों की संख्या बढऩे से उन्हें रखने में काफी परेशानी हो रही है। एक बैरक में ठूंस-ठूंसकर महिला बंदियों को रखना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं। एडवाइजरी कंपनी, स्पा पर कार्रवाई, चोरी, मारपीट में महिलाओं के नाम आ रहे हैं। महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। ऐसे में इन्हें रखना मुश्किल हो रहा है। पुरुष कैदी को बाहरी जिलों में भेज सकते हैं, मगर महिला कैदी पर यह नियम लागू नहीं होता। इसे देखते हुए जेल मुख्यालय के आदेशानुसार सेन्ट्रल जेल में दो नए बैरक महिलाओं बंदियों के लिए बनाए जाएंगे, ताकि उन्हें राहत मिल सके। 

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