आज से मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन लागू फाइनल नोटिफिकेशन, कई नए प्रावधान 
आज से मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन लागू

फाइनल नोटिफिकेशन, कई नए प्रावधान
इंदौर। सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने अब कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसे देखते हुए मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन किया गया है। संशोधित एक्ट 1 सितम्बर से क्रियान्वित होने लगेगा। एक्ट के तहत अब शराब पीकर वाहन चलाया तो 10 हजार रुपए जुर्माना लगेगा। बच्चे ने एक्सीडेंट किया तो पालक को सीधे जेल  की हवा खानी होगी। 

  नए संशोधन के मुताबिक अब आप कोई  भी वाहन, कहीं भी रजिस्टर्ड करवा सकते हैं। यानि, यह  जरूरी नहीं है कि आप जहां रहते हैं, वहीं से वाहन खरीदें और वहीं उसे रजिस्टर्ड कराएं। कमर्शियल लायसेंस बनाने के लिए अब 8वीं की मार्कशीट दिखाना भी जरूरी नहीं होगा। रेड लाइट उल्लंघन पर अभी तक जहां 100 रुपए जुर्माना लगता था, अब 500 रुपए लगेंगे। दूसरी बार सिग्नल तोड़ा तो 300 के बजाए 1500 रुपए लगेंगे। यातायात के सामान्य नियम को तोड़ने पर 500 के बजाए 1000 रुपए लगेंगे। नाबालिग के हाथों अगर कोई हादसा हुआ तो 25 हजार का जुर्माना, पालक को तीन साल तक की सजा और वाहन का रजिस्ट्रेशन एक साल के लिए सस्पेंड होगा। 

ये हैं नए प्रावधान 
- जांच अधिकारी को जानकारी देने से इनकार करने पर 500 के बजाए दो हजार रुपए का जुर्माना देना होगा।
- वाहन मालिक ने अगर बिना लायसेंस वाली गाड़ी दी तो उस मालिक पर अब पांच हजार रुपए का जुर्माना लगेगा।
- बिना बीमा के वाहन चलाने पर जुर्माना एक हजार से बढ़कर दो हजार और दूसरी बार चार हजार का जुर्माना लगेगा। इसके तहत तीन माह की जेल का भी प्रावधान किया है।
- बिना लायसेंस के वाहन चलाने पर नए नियमों में पांच सौ रुपए के बजाए पांच हजार रुपए चुकाने होंगे।
-इमरजेंसी वाहन को रास्ता न देने पर 10 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। 

बिना रजिस्ट्रेशन जुर्माना 
  अब शोरूम से बिना रजिस्ट्रेशन गाड़ी बेचना महंगा पड़ेगा। डीलर को गाड़ी के वार्षिक टैक्स की 15 गुना पेनल्टी देना होगी। इसके अलावा विभाग के अधिकारी लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई व ओवरवेट जैसे नियमों का उल्लंघन करने या बिना जांच, अनफिट गाडिय़ों का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करते हैं तो अधिकारियों पर पांच से दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। 
नई ट्रांसफर प्रक्रिया 
   नए आदेश में गाड़ी ट्रांसफर या रजिस्ट्रेशन के लिए अब विभाग में गाड़ी ले जाने की आवश्यकता भी खत्म कर दी गई है। अब दस्तावेजों का वेरीफिकेशन करके ही रजिस्ट्रेशन या ट्रांसफर करने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। 
फर्जी दस्तावेजों पर गंभीर
   आरटीओ अब गाडिय़ों के फर्जी दस्तावेजों को लेकर भी गंभीर हो गया है। फर्जी दस्तावेजों से परिवहन विभाग में वाहनों का रजिस्ट्रेशन करना भी महंगा पड़ेगा। इसके अलावा इंजन या चेसिस का नंबर रजिस्ट्रेशन कार्ड से अलग हुआ तो टैक्स का 10 गुना या लाइफ टाइम टैक्स में जो भी ज्यादा हो, वह जुर्माना भरना पड़ेगा।
समझाइश का दौर शुरू 
   नए आदेश का पालन कराने के लिए सबसे पहले आरटीओ डीलरों को समझाइश देना शुरू करेगा। विभागों ने पूरे प्रदेश में मानसून को देखते हुए बस, ट्रैक्टर और ट्रॉली के साथ ही अन्य कमर्शियल वाहनों के अगले और पिछले हिस्से में रेडियम लगाने का आदेश दिया है, ताकि दुर्घटना को रोका जा सके। 

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